बरेली के आंवला थाना क्षेत्र के लठैत मोहल्ले में 17 अक्टूबर को हुई फायरिंग की घटना में बुजुर्ग सज्जाद अहमद की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित गुप्ता और मोहित गुप्ता निवासी पुराना ढाल, जीप स्टैंड, कस्बा आंवला के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया एक अवैध .315 बोर का तमंचा और 15 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस बरामदगी के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी है। उधार के 50 हजार रुपये के विवाद में हुई हत्या पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को आंवला के लठैत मोहल्ले में कुछ युवकों के बीच फायरिंग होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि तरुण सिंह और मोहित गुप्ता के परिवार के बीच पहले से विवाद चल रहा था। बताया गया कि मोहित गुप्ता की बेटी और तरुण सिंह के बीच परिचय तथा प्रेम-प्रसंग को लेकर विवाद हुआ था। इसी मामले में 15 अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट भी हुई थी, जिसके संबंध में बिथरी चैनपुर थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। 17 अक्टूबर को हुई फायरिंग के दौरान गोली लगने से बुजुर्ग सज्जाद अहमद की मौत हो गई। उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आंवला ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। मृतक के बेटे अफसर अहमद की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। तहरीर में आरोप लगाया गया कि सज्जाद अहमद को रास्ते में रोककर उधार दिए गए रुपये मांगे गए थे। रुपये नहीं देने पर आरोपियों ने उन्हें गोली मार दी। इस संबंध में थाना आंवला में मुकदमा संख्या 529/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में करीब 50 हजार रुपये के लेनदेन का विवाद भी सामने आया है, हालांकि घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद की गहन जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की थी। तलाश के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि फायरिंग की घटना में वांछित रोहित गुप्ता और मोहित गुप्ता श्रीजी कॉलोनी के सामने बदायूं रोड पर मौजूद हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों को रात करीब 11:47 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस को मोहित गुप्ता ने बताया कि घटना में इस्तेमाल किया गया तमंचा उसके घर पर ही रखा है। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके मकान से एक अवैध .315 बोर का तमंचा और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने इस बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/27 की बढ़ोतरी की है। पुलिस के अनुसार, दोनों गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। विवाद की वजह और आरोपियों का आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि मोहित गुप्ता की बेटी इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में बीबीए तृतीय वर्ष की छात्रा है, जबकि तरुण सिंह एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र है। आरोपियों ने दावा किया कि तरुण सिंह उनकी बेटी को परेशान कर रहा था और वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा था। इसी बात को लेकर 15 अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। आरोपियों के मुताबिक, इस विवाद में तरुण सिंह से मोबाइल फोन लेकर उसे रीसेट कर दिया गया था। इसके बाद तरुण सिंह की ओर से मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने 17 अक्टूबर की घटना के संबंध में भी अपना पक्ष रखा। पुलिस मामले में सामने आए इन बयानों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय दोनों पक्षों के बीच फिर से विवाद हुआ। इसी दौरान रोहित गुप्ता के कहने पर मोहित गुप्ता ने कथित तौर पर तमंचे से फायरिंग की, जिसमें सज्जाद अहमद को गोली लग गई और उनकी मौत हो गई। मामले में अन्य लोगों की भूमिका और घटना के क्रम की भी जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मोहित गुप्ता के खिलाफ आंवला थाने में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2019 के मारपीट और अन्य आरोपों से जुड़े मामले, जुआ अधिनियम का मामला, वर्ष 2025 का एक मामला तथा वर्ष 2026 में दर्ज मारपीट और हत्या के वर्तमान मामले शामिल हैं। वहीं, रोहित गुप्ता के खिलाफ भी वर्ष 2019 में दर्ज एक मुकदमे, वर्ष 2026 के मारपीट से संबंधित मुकदमे और वर्तमान हत्या के मामले का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में किया गया है। हालांकि, इन मामलों में दर्ज होना अपने आप में आरोप सिद्ध होना नहीं है। आंवला थाना प्रभारी निरीक्षक बीनू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह गिरफ्तारी की। टीम में उपनिरीक्षक होराम सिंह, उपनिरीक्षक अनिरुद्ध कुमार तथा आरक्षी आयुष और सुमित कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, दोनों गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में फायरिंग की परिस्थितियों, आपसी विवाद और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की तह तक जाकर सभी दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।