लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मामले की जांच के दायरे में आए ‘अल फलाह ट्रस्ट’ से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। साकेत कोर्ट ने आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी की नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी। सिद्दीकी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेल की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे मंजूर नहीं किया। ईडी पहले ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ‘अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट’ से जुड़े इस केस में बड़े पैमाने पर वित्तीय और शैक्षणिक अनियमितताएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि यह जांच PMLA के तहत शुरू की गई थी, जिसकी आधारशिला दिल्ली पुलिस की उस एफआईआर पर रखी गई थी, जो लाल किला ब्लास्ट केस से जुड़ी हुई है। ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित ‘अल फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर’ में गंभीर स्तर की धांधलियां की गईं। आरोप है कि यहां “ऑन-पेपर” फैकल्टी, फर्जी दस्तावेज, नकली मरीजों का रिकॉर्ड और निरीक्षण के दौरान गड़बड़ियों के जरिए नेशनल मेडिकल कमिशन से मान्यता हासिल की गई। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं, और आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।