रामपुर न्यूज़
राष्ट्रीय Muhammad Arhab Khan • 2026-07-30T14:53:05.189+00:00

देहरादून: दहेज प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता की आत्महत्या, पति सहित ती

देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में एक सरकारी शिक्षिका, सृष्टि कंदारी, ने कथित तौर पर दहेज उत्पीड़न और ससुराल वालों द्वारा लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार को हुई, जिसके बाद मृतका की मां ने अपनी बेटी के पति सौरभ रातुरी, सास परवीना और ननद चारू के खिलाफ दहेज मृत्यु से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। सृष्टि ने अपनी मृत्यु से पहले एक 90 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें वह रोते हुए अपने ससुराल वालों के व्यवहार और खुद को 'मनहूस' कहे जाने का जिक्र करती है। पृष्ठभूमि: एक दुखद अंत की ओर बढ़ता रिश्ता सृष्टि कंदारी, जो एक सरकारी शिक्षिका थीं, का विवाह नवंबर पिछले साल सौरभ रातुरी के साथ हुआ था, जो स्वयं भी एक सरकारी कर्मचारी हैं। दोनों डोईवाला क्षेत्र में रहते थे, जो देहरादून शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। शादी के कुछ महीनों बाद ही सृष्टि को ससुराल वालों से प्रताड़ना मिलने लगी, जैसा कि उसने अपने वीडियो में बताया है। उसकी मां ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया है कि सृष्टि को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था और उसके ससुराल वाले उसे लगातार 'अशुभ' और 'मनहूस' कहते थे। यह दुखद घटना एक बार फिर दहेज प्रथा के गंभीर सामाजिक परिणामों को उजागर करती है। सृष्टि ने अपने सुसाइड नोट के रूप में बनाए गए वीडियो में कहा, "सॉरी मम्मी, मैं ऐसे जा रही हूँ। सब कुछ बहुत अजीब हो गया है। मैं छह महीने से यह सब झेल रही हूँ... अब मैं और नहीं झेल सकती। उनका रवैया कभी नहीं बदलेगा। वे हमारी शादी के बाद हुई चीजों के लिए मुझे दोषी ठहराते रहते हैं। 'मनहूस, मनहूस' (कहते हैं)।" यह वीडियो उसके अंतिम क्षणों की भयावहता को दर्शाता है, जहाँ वह अपने दर्द और लाचारी को व्यक्त करती है। पुलिस कार्रवाई और जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। सृष्टि के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। डोईवाला की सर्किल ऑफिसर, वंदना वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि महिला के मायके पक्ष की ओर से ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मृतका के पति, सास और ननद को नामजद किया है। यह मामला दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोपों से जुड़ा है, जिसके तहत कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। अधिकारी ने यह भी बताया कि मृतका सृष्टि कंदारी आठ महीने पहले ही विवाहित हुई थी और वह एक सरकारी शिक्षिका थी, जबकि उसका पति भी सरकारी विभाग में कार्यरत है। इस तरह की घटनाओं में अक्सर पारिवारिक कलह और आर्थिक दबाव मुख्य कारण होते हैं। पुलिस अब इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें बयान दर्ज करना, सबूत इकट्ठा करना और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं को पूरा करना शामिल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है, जिससे मृत्यु के कारणों की पुष्टि हो सके। सामाजिक प्रभाव और हेल्पलाइन यह घटना समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक बार फिर चिंता पैदा करती है। सृष्टि की आत्महत्या उन अनगिनत महिलाओं की पीड़ा का प्रतीक है जो आज भी इस कुप्रथा का शिकार हो रही हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। समाज को भी इस मुद्दे पर जागरूक होने और ऐसी मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है जो महिलाओं को वस्तु की तरह देखती है और उनके जीवन को दांव पर लगा देती है। मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए कई हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं, जैसे कि वंद्रेवाला फाउंडेशन (9999666555) और TISS iCall (022-25521111)। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है, तो कृपया तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें। ऐसी स्थितियाँ अत्यंत संवेदनशील होती हैं और तत्काल सहायता की आवश्यकता होती है। यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे मामलों में पीड़ित को अकेला महसूस न कराया जाए और उसे हर संभव मदद प्रदान की जाए। पुलिस ने कहा है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे और सभी आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतका के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस दुखद घटना ने देहज प्रथा के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। समाज के हर वर्ग को मिलकर इस बुराई के खिलाफ आवाज उठानी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी बेटी को अपनी जिंदगी से हाथ न धोना पड़े।