रामपुर न्यूज़
राष्ट्रीय Muhammad Arhab Khan • 2026-07-31T03:10:23.436+00:00

ग्रेटर नोएडा वेस्ट: लिफ्ट में फंसी महिला, अस्पताल में भर्ती

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हिमालय प्राइड सोसाइटी में लिफ्ट खराब होने का एक और मामला सामने आया है, जहां बी-10/14 टावर में रहने वाली एक महिला लिफ्ट में करीब 20 मिनट तक फंसी रही। लिफ्ट के अंदर अत्यधिक गर्मी और घुटन महसूस होने के कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते वह बाहर निकलते ही बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। यह घटना निवासियों के बीच सुरक्षा और रखरखाव को लेकर चिंता बढ़ा रही है। यह घटना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जो अक्सर बुनियादी सुविधाओं की कमी और रखरखाव में लापरवाही का सामना करते हैं। हिमालय प्राइड सोसाइटी में लिफ्ट का खराब होना कोई नई बात नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा रखरखाव के प्रति गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। निवासियों ने पुलिस और प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। सोसाइटी की लिफ्ट में बार-बार खराबी की घटनाएं जानकारी के अनुसार, बी-10/14 टावर में रहने वाली महिला रोज की तरह लिफ्ट से अपने गंतव्य की ओर जा रही थीं। इसी दौरान लिफ्ट 10वें और 6वें फ्लोर के बीच अचानक बंद हो गई, जिससे वह अंदर फंस गईं। महिला ने काफी देर तक मदद के लिए आवाज लगाई और इंतजार किया। करीब 20 मिनट के लंबे इंतजार के बाद, सोसाइटी के अन्य निवासियों ने मिलकर किसी तरह लिफ्ट को खोला और महिला को बाहर निकाला। हालांकि, लिफ्ट से बाहर आते ही महिला अत्यधिक गर्मी और घुटन के कारण बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत महिला को पानी पिलाया और प्राथमिक उपचार प्रदान किया। इसके बाद, उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। यह घटना निवासियों के बीच भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर रही है, क्योंकि वे आए दिन इस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पिछली घटनाओं से सबक नहीं लिया गया सोसाइटी के एओए (एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट्स) अध्यक्ष, सीमा भंडारी ने बताया कि लिफ्ट में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण महिला को घुटन और अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है जब लिफ्ट में खराबी आई हो। इससे पहले रामनवमी के शुभ अवसर पर भी इसी सोसाइटी की लिफ्ट में 10 बच्चों सहित कुल 12 लोग करीब 45 मिनट तक फंसे रहे थे। उस समय भी काफी मशक्कत के बाद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। सीमा भंडारी ने इस बात पर जोर दिया कि इस संबंध में बार-बार पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन बिल्डर पर इन शिकायतों का कोई असर नहीं दिख रहा है। निवासियों का कहना है कि मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने लाखों रुपये का शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी ठीक से नहीं मिल पा रही हैं। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। निवासियों में बढ़ता आक्रोश और सुरक्षा की चिंता बार-बार लिफ्ट खराब होने की घटनाओं से सोसाइटी के निवासियों में भारी नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि सोसाइटी के रखरखाव में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। निवासियों का यह भी आरोप है कि जब से लिफ्ट लगाई गई है, तब से इसका सही तरीके से मेंटेनेंस एक बार भी नहीं किया गया है, और न ही लिफ्ट की नियमित जांच कराई जाती है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, खासकर जब सोसाइटी में बच्चे और बुजुर्ग भी रहते हैं। सोसाइटी के निवासी इस बात से बेहद खफा हैं कि वे हर महीने लाखों रुपये मेंटेनेंस शुल्क के रूप में अदा करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सुरक्षित और आरामदायक जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यह केवल एक लिफ्ट की समस्या नहीं है, बल्कि यह रखरखाव और सुरक्षा मानकों की घोर उपेक्षा का प्रतीक है। निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि बिल्डर पर उचित कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।