रामपुर न्यूज़
राष्ट्रीय Rampur News Desk • 2026-07-20T16:22:57.311+00:00

जीटीबी अस्पताल में पंखा गिरने से मरीज की मौत, जांच जारी

नई दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में शनिवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ इलाज के दौरान एक 42 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती मोहम्मद अकबर के ऊपर कथित तौर पर एक सीलिंग पंखा गिर गया, जिसके कुछ घंटों बाद ही उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की मौत पंखा गिरने से नहीं, बल्कि उसकी पहले से मौजूद गंभीर बीमारियों के कारण हुई है। अस्पताल में सुरक्षा पर उठे सवाल यह घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे आपातकालीन वार्ड 27 में हुई, जहाँ मोहम्मद अकबर अपना इलाज करवा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक एक सीलिंग पंखा अपनी जगह से हट गया और सीधे अकबर के बिस्तर पर आ गिरा। इस हादसे के कारण वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत घायल मरीज और एक नर्सिंग अधिकारी को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए दौड़ लगाई, जो इस घटना में घायल हो गए थे। यह घटना दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक में सुरक्षा मानकों और रखरखाव की स्थिति पर चिंता पैदा करती है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में मोहम्मद अकबर के अलावा एक नर्सिंग अधिकारी को भी चोटें आईं, जो उस समय मरीज की देखभाल कर रहे थे। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मोहम्मद अकबर को 18 जुलाई को उनके भाई द्वारा अस्पताल लाया गया था। वह पहले से ही उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क और रीढ़ की सूजन) और एस्पिरेशन निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। अस्पताल प्रशासन का पक्ष और परिजनों के आरोप अस्पताल के मृत्यु प्रमाण पत्र के अनुसार, मोहम्मद अकबर की मृत्यु रात लगभग 12:16 बजे हुई, जो पंखा गिरने की घटना के तीन घंटे से भी कम समय बाद की है। मृत्यु का कारण पहले से मौजूद बीमारियों को बताया गया है। अस्पताल के एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि रात करीब 9:30 बजे सीलिंग पंखा गिरा था, लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इस घटना के कारण मरीज की मौत हुई या उसे कोई गंभीर चोट आई। अधिकारी ने दोहराया कि मरीज की मौत उसकी अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति के कारण हुई, क्योंकि वह पहले से ही गंभीर श्वसन संबंधी जटिलताओं के साथ भर्ती था। हालांकि, मृतक मरीज के परिवार ने अस्पताल प्रशासन के दावों को खारिज कर दिया है। परिवार का आरोप है कि यह घटना अस्पताल की घोर लापरवाही और खराब रखरखाव का परिणाम है। उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं और एक निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की चूक पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। वे अस्पताल के कर्मचारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रहे हैं। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पंखे के गिरने के कारणों की भी जांच की जाएगी। क्या पंखा पुराना था, या रखरखाव में कोई कमी थी, यह सब जांच का हिस्सा होगा। अस्पताल प्रशासन से भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। इस तरह की घटनाएं अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाती हैं, खासकर सरकारी अस्पतालों में जहाँ संसाधनों की कमी और भीड़ एक आम समस्या है। इस घटना के बाद, अस्पताल प्रबंधन पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी मरीजों को एक सुरक्षित वातावरण में उपचार मिले। रामपुर जैसे शहरों में, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सीमित हो सकती है, सरकारी अस्पतालों का महत्व और भी बढ़ जाता है। इसलिए, इन संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। रामपुर न्यूज़ इस मामले पर नज़र रखे हुए है और आगे की जानकारी के साथ अपडेट रहेगा।