मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने कहा, “मैं क्यों इस्तीफा दूंगी जब मैं हारी नहीं हूं। मुझे बाध्य नहीं किया जा सकता कि मैं इस्तीफा देने जाऊं। नैतिक तौर पर मैं मानती हूं कि मैं जीती हूं।” उन्होंने आगे कहा कि वह लोकभवन जाकर इस्तीफा देने वाली नहीं हैं। टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई अनियमितताएं हुईं, जिससे परिणाम प्रभावित हुए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर आगे कानूनी और राजनीतिक कदम उठा सकती है। वहीं, चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी के बयान पर सवाल उठाते हुए इसे जनता के जनादेश का अपमान बताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और गरमा सकती है।