रामपुर न्यूज़
देश Mohd Zeeshan Raza Khan • 2026-04-17T14:52:32.028Z

दो-तिहाई बहुमत न मिलने से आरक्षण बिल गिरा, महिला आरक्षण के तीन बिल भी लोकसभा में नहीं हो सके पास

नई दिल्ली में संसद के भीतर आरक्षण बिल को लेकर हुई वोटिंग ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। बिल पर लंबी बहस के बाद मतदान कराया गया, जिसमें पहले राउंड में कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया। इनमें से 298 सांसदों ने बिल के पक्ष में वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। आंकड़ों के लिहाज से समर्थन ज्यादा दिखा, लेकिन यह बिल संवैधानिक संशोधन से जुड़ा होने के कारण इसे पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी था। यानी कम से कम 352 वोटों की जरूरत थी, जो पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से यह अहम आरक्षण बिल लोकसभा में गिर गया। इसके साथ ही महिला आरक्षण से जुड़े तीन अन्य महत्वपूर्ण बिल भी मतदान के दौरान पास नहीं हो पाए और निरस्त हो गए। बिल के गिरने के बाद संसद का माहौल तनावपूर्ण हो गया और कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद सियासत भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रोटेस्ट संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ। बीजेपी और एनडीए के नेताओं ने ऐलान किया है कि 18 अप्रैल से इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों के नेताओं के घरों के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है। 📊 मुख्य बिंदु: कुल वोट: 528 समर्थन में: 298 विरोध में: 230 जरूरी वोट: 352 (दो-तिहाई बहुमत) नतीजा: बिल गिरा महिला आरक्षण के 3 बिल भी नहीं हो सके पास संसद स्थगित, सियासत गरमाई