रामपुर न्यूज़
आस-पास Rampur News Desk • 2026-08-02T16:58:27.25+00:00

हाथरस: 50 क्विंटल से अधिक सिक्के बरामद, स्टेशनरी कारोबारी पर छापा

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में भारतीय मुद्रा के सिक्कों की कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन की एक टीम ने शनिवार शाम को सदर कोतवाली क्षेत्र के हनुमान गली निवासी एक स्टेशनरी कारोबारी रवि कुमार पुत्र अनूप कुमार के घर और दुकान पर अचानक छापा मारा। इस छापेमारी के दौरान, टीम ने 10 और 5 रुपये के करीब 50 क्विंटल से अधिक भारतीय मुद्रा के सिक्के बरामद किए हैं। इन सिक्कों की अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। छापेमारी की कार्रवाई एसडीएम सदर राजबहादुर और नायब तहसीलदार शिवकुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम के साथ मिलकर की गई। प्रशासनिक टीम ने स्टेशनरी कारोबारी के घर और दुकान से कुल 106 कट्टों में भरे हुए 10 और 5 रुपये के सिक्के बरामद किए। इन कट्टों का वजन लगभग 60 किलोग्राम प्रति कट्टा था। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है, हालांकि स्टेशनरी कारोबारी रवि कुमार मौके से भागने में कामयाब रहा। बरामद किए गए सिक्कों को पुलिस ने टेंपो में लादकर अपने साथ ले गई है और अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। भारतीय मुद्रा के सिक्कों का जखीरा क्यों इकट्ठा किया गया? प्रशासनिक टीम इस बात की जांच कर रही है कि आखिर स्टेशनरी कारोबारी रवि कुमार ने इतनी बड़ी मात्रा में भारतीय मुद्रा के सिक्के किस मकसद से इकट्ठा करके अपने घर और दुकान में रखे हुए थे। यह एक गंभीर सवाल है जिस पर प्रशासन गहनता से पड़ताल कर रहा है। आमतौर पर, स्टेशनरी की दुकानों पर इस तरह के सिक्कों का इतना बड़ा जखीरा मिलना सामान्य नहीं है। यह मामला भारतीय मुद्रा के अवैध भंडारण और संभावित कालाबाजारी की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इन सिक्कों का इस्तेमाल किसी अवैध गतिविधि के लिए किया जाना था या फिर इन्हें किसी खास योजना के तहत जमा किया जा रहा था। इस मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस कारोबार में कोई और भी शामिल है और क्या इस तरह की गतिविधियां जिले के अन्य हिस्सों में भी चल रही हैं। सिक्कों की इतनी बड़ी खेप को एक जगह जमा करना निश्चित रूप से किसी बड़ी योजना का हिस्सा हो सकता है, जिसकी जांच अभी जारी है। प्रशासनिक कार्रवाई और इलाके में हड़कंप प्रशासनिक टीम की अचानक और अप्रत्याशित छापेमारी से स्थानीय लोगों में भी काफी उत्सुकता और थोड़ी घबराहट देखी गई। किसी स्टेशनरी की दुकान से इतने बड़े पैमाने पर भारतीय मुद्रा के सिक्के बरामद होना अपने आप में एक चौंकाने वाली घटना है। इस कार्रवाई ने यह भी उजागर किया है कि किस तरह से कुछ लोग अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सामान्य व्यवसायों का सहारा ले सकते हैं। पुलिस ने बरामद किए गए सिक्कों के सभी 106 कट्टों को तौलने के बाद उन्हें सुरक्षित टेंपो में लोड करवाया और अपने साथ ले गई। यह घटना भारतीय अर्थव्यवस्था में नकदी के प्रवाह और उसके प्रबंधन पर भी सवाल खड़े करती है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के मूड में है। इस तरह की कार्रवाई से आम जनता को यह संदेश जाता है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की यह तत्परता सराहनीय है और यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इस पूरे मामले की जांच में अब कई पहलू सामने आ सकते हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि ये सिक्के कहां से आए और इन्हें कहां ले जाया जाना था। क्या ये सिक्के किसी बैंक से संबंधित हैं या फिर किसी निजी व्यक्ति या समूह द्वारा जमा किए गए थे। इन सभी सवालों के जवाब मिलने के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस मामले की तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।