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रामपुर Rampur News Desk • 2026-10-09T15:19:34.802+00:00

मिलक: विक्रमपुर में मारपीट की दो घटनाएं, रामलीला विवाद और हमले के आरोप

मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर में मारपीट की दो अलग-अलग घटनाओं ने स्थानीय समुदाय में हड़कंप मचा दिया है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है, जिसमें एक मामला रामलीला के दौरान कुर्सियों के पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला मेला देखकर घर लौट रहे एक युवक और उसकी मां पर हुए हमले से संबंधित है। दोनों ही मामलों में आरोपियों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पुलिस ने दोनों घटनाओं के संबंध में शिकायतें दर्ज कर ली हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, जिससे दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। यह घटनाएं 8 और 9 अक्टूबर की रात को घटित हुईं, जब गांव में रामलीला का आयोजन चल रहा था। पहली घटना में, जाटव समाज की ओर से कुर्सियों के टिकट काटने की जिम्मेदारी संभाल रहे परिवार के सदस्यों पर हमला किया गया। आरोप है कि जब उन्होंने कुर्सियों पर बैठे युवकों से पैसे मांगे, तो विवाद बढ़ गया और आठ लोगों ने कथित तौर पर दो भाइयों और उनकी मां पर लोहे के हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में मां के हाथ में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनका हाथ टूट गया। पीड़िता ने जान से मारने की धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है। रामलीला में कुर्सियों के पैसों पर विवाद ग्राम निवासी सुशीला देवी पत्नी राजकुमार ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि 8 अक्टूबर को गांव में रामलीला का मंचन हो रहा था। उनके परिवार को, जो जाटव समाज से ताल्लुक रखता है, रामलीला के दौरान कुर्सियों के टिकट काटने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोप है कि 9 अक्टूबर की रात करीब दो बजे, जब उनके बेटे विशेष और विशाल कुर्सियों पर बैठे लोगों से पैसे मांग रहे थे, तो शिवम, आकाश, पवन, अरुण, सोनू, पवन, विजय और रघुनन्दन नामक युवकों के साथ उनका विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया, जिसमें उक्त आठों युवकों ने विशेष और विशाल पर लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। सुशीला देवी का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल उनके बेटों को पीटा, बल्कि जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें अपमानित भी किया। जब सुशीला देवी अपने बेटों को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो उन पर भी हमला किया गया। इस हमले में उनके हाथ में गंभीर चोटें आईं और उनका हाथ टूट गया। पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी, जिससे परिवार में भय का माहौल है। इस घटना ने गांव के सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित किया है। मेला देखकर लौट रहे युवक और मां पर हमला दूसरी घटना में, विक्रमपुर निवासी सनी पुत्र मोहनलाल ने शिकायत दर्ज कराई है कि 8 अक्टूबर की रात करीब दस बजे वह गांव में लगे मेले को देखकर अपने घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में मोनू कश्यप पुत्र ठाकुरलाल कश्यप और उसके साथ नौ अन्य अज्ञात लोगों ने उसे घेर लिया। सनी के अनुसार, आरोपियों ने पहले उसके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। इसके बाद, उन्होंने लाठी-डंडों और कड़े जैसे हथियारों से उस पर हमला कर दिया, जिसमें सनी के सिर में गंभीर चोटें आईं। सनी ने बताया कि मारपीट के दौरान शोर सुनकर उसकी मां उषा देवी मौके पर पहुंचीं। जब उषा देवी ने अपने बेटे को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट और गाली-गलौज की। मां-बेटे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। भीड़ को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। इस घटना ने पीड़ित परिवार को सदमे में डाल दिया है और वे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने की पीड़ित परिवारों से मुलाकात रामलीला विवाद से संबंधित मारपीट की घटना की जानकारी मिलने पर, भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष भाईचारा राहुल गौतम, राशिद अंसारी और बीके भाई अपने कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित परिवार से मिलने विक्रमपुर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। बाद में, कार्यकर्ताओं का एक समूह मिलक कोतवाली पहुंचा, जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन सौंपा। इस दौरान थाने में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही, जिसमें कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों पर जोर दिया। यह मुलाकात पीड़ित परिवारों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई, क्योंकि उन्हें सामाजिक समर्थन का एहसास हुआ। संगठन के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे अपराध दोबारा न हों। उन्होंने पुलिस प्रशासन से भी निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की। दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच में जुटी मिलक कोतवाली के थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि दोनों ही घटनाओं के संबंध में पीड़ितों द्वारा दी गई शिकायतों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों घटनाओं के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी प्रयासरत है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं और इन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान, पुलिस दोनों पक्षों के गवाहों के बयान दर्ज करेगी और घटनास्थल का निरीक्षण भी कर सकती है। यदि आवश्यक हुआ तो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें भी गठित की जा सकती हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और मारपीट एक गंभीर अपराध है, और ऐसे मामलों में कानून अपना काम करेगा।