रामपुर न्यूज़
रामपुर Muhammad Arhab Khan • 2026-07-27T13:50:49.935+00:00

रामपुर जौहर यूनिवर्सिटी पर रोक: कमिश्नर का फैसला

रामपुर, उत्तर प्रदेश - रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए यह बड़ा अंतरिम राहत का आदेश जारी किया है। कमिश्नर ने विकास प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए ध्वस्तीकरण आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस फैसले से यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर होने वाली संभावित बुलडोजर कार्रवाई फिलहाल टल गई है, जिससे यूनिवर्सिटी प्रशासन को फौरी तौर पर बड़ी राहत मिली है। जौहर यूनिवर्सिटी पर ध्वस्तीकरण का मामला यह मामला रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए एक आदेश से जुड़ा है। इसी महीने 15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण ने आदेश जारी करते हुए मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 बिल्डिंगों को अवैध करार दिया था। इस आदेश के बाद यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू हो गई थी, जिसके चलते सियासी माहौल भी गरमा गया था। कॉलेज प्रशासन और छात्रों द्वारा इस आदेश के खिलाफ काफी दिनों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इस मामले में छात्रों ने रविवार को जिलाधिकारी से मुलाकात भी की थी। जिलाधिकारी द्वारा उन्हें मौखिक आश्वासन दिया गया था कि जब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक कोई भी एक्शन नहीं लिया जाएगा। वहीं, कमिश्नर ऑफिस में इस मामले पर 28 जुलाई को सुनवाई निर्धारित थी। हालांकि, शोक अवकाश के कारण हड़ताल रहने की वजह से यह सुनवाई नहीं हो सकी थी। कमिश्नर का अंतरिम आदेश और राहत इसके बाद, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कमिश्नर ऑफिस में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इस प्रार्थना पत्र पर सोमवार को सुनवाई हुई, जिसमें मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को बड़ी अंतरिम राहत प्रदान की। कमिश्नर ने रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए ध्वस्तीकरण आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह रोक तब तक प्रभावी रहेगी जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती। इस अहम फैसले के बाद फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर होने वाली संभावित बुलडोजर कार्रवाई टल गई है। इससे यूनिवर्सिटी प्रशासन को तत्काल राहत मिली है। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई में ही यह तय हो सकेगा कि विकास प्राधिकरण का ध्वस्तीकरण आदेश बरकरार रहेगा या फिर उसमें कोई कानूनी बदलाव किया जाएगा। यह निर्णय यूनिवर्सिटी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। आजम खान के परिवार से जुड़ी खबर इस घटनाक्रम के बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के परिवार से जुड़ी एक और खबर सामने आई। रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात करने के लिए उनकी पत्नी डॉक्टर तंजीन फातिमा जेल पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ उनके बड़े बेटे अदीब आजम और सपा के जिला अध्यक्ष अजय सागर भी मौजूद रहे। आजम खान और उनके परिजनों के बीच जेल परिसर में करीब एक घंटे तक लंबी मुलाकात हुई, जिसके बाद वे बाहर आ गईं। यह मुलाकात आजम खान की कानूनी लड़ाई और पारिवारिक स्थिति के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।