रामपुर न्यूज़
रामपुर Rampur News Desk • 2026-09-28T12:41:25.217+00:00

रामपुर: विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या का आरोप

रामपुर के अजीतपुर थाना क्षेत्र में रविवार शाम को एक विवाहिता का शव उसके ससुराल में पंखे से लटका हुआ मिला। मृतका की पहचान 21 वर्षीय सुनीता के रूप में हुई है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। सुनीता के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने और मारपीट के बाद उसकी हत्या कर शव को पंखे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। सोमवार सुबह पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मामले की आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से मृतका के मायके पक्ष में मातम का माहौल है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दहेज के लिए प्रताड़ना का गंभीर आरोप सुनीता की शादी अजीतपुर निवासी जितेंद्र के साथ नवंबर 2025 में हुई थी। मायके पक्ष के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले सुनीता को दहेज के लिए परेशान करने लगे थे। वे लगातार उससे अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे और इस बात को लेकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। सुनीता के तहेरे भाई सैनी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके पति जितेंद्र, जेठ सचिन, जेठानी रजनी और सास सुंदरिया पर उसकी बहन के साथ मारपीट करने का आरोप है। सैनी का कहना है कि इन लोगों ने पहले सुनीता की पिटाई की और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उन्होंने सबूत मिटाने के इरादे से शव को पंखे से लटका दिया ताकि यह आत्महत्या का मामला लगे। मृतका सुनीता के सगे भाई अरविंद ने बताया कि रविवार शाम करीब 7 बजे उन्हें एक फोन कॉल आया। फोन करने वाले ने उन्हें बताया कि उनकी बहन का शव उतारकर ले जाने के लिए कहा। यह सूचना मिलते ही अरविंद और उनके परिवार के अन्य सदस्य तुरंत अजीतपुर स्थित ससुराल पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि सुनीता का शव पंखे से लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को पंखे से नीचे उतरवाया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया, पोस्टमार्टम के बाद होगी कार्रवाई सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतका के शव को पंखे से नीचे उतरवाया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के निरीक्षण के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक ओंकार सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे शव का पंचनामा भरा जाएगा और उसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों और जांच के दौरान जुटाए गए अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना के बाद से अजीतपुर में तनाव का माहौल है। मृतका के मायके पक्ष के लोग इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं और ससुराल पक्ष के लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों से बात की है और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। फिलहाल, मृतका के पति जितेंद्र और अन्य ससुरालीजनों ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। क्या यह दहेज हत्या का मामला है? यह घटना एक बार फिर दहेज प्रथा के काले सच को उजागर करती है, जो आज भी समाज में व्याप्त है। सुनीता के मायके वालों के आरोपों के अनुसार, उसे शादी के बाद से ही दहेज के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। यह प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि अंततः उसकी जान चली गई। इस तरह की घटनाएं समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं और इन पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की सच्चाई को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा। यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की चोट या मारपीट के निशान पाए जाते हैं, तो यह मायके पक्ष के आरोपों को बल देगा। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ सबूत भी जुटाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इस मामले में सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि किसी भी निर्दोष को परेशान न किया जाए और दोषी को सजा मिले। यह घटना रामपुर जिले में दहेज संबंधी अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े करती है। समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है। सुनीता के परिवार को इस दुख की घड़ी में न्याय मिले, यही आशा है। पुलिस प्रशासन से उम्मीद है कि वे इस मामले को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से निपटाएंगे।