रामपुर जिले के स्वार कोतवाली क्षेत्र के मझरा सीतारामपुर गांव में रविवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहाँ घरेलू विवाद के चलते एक पति ने अपनी पत्नी की सिलबट्टे से सिर पर ताबड़तोड़ वार करके निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी पति ने अपनी पत्नी के शव और अपने दो मासूम बच्चों को कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया और मौके से फरार हो गया। बाद में उसने गांव के एक दुकानदार को घटना की जानकारी दी, जिसने प्रधान पति को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ताला खुलवाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और आरोपी पति की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित मझरा सीतारामपुर गांव में हुई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतका की पहचान रीना सैनी (30) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति का नाम धर्मेंद्र (35) बताया जा रहा है। दोनों के दो बच्चे हैं, जिनमें पांच साल का रुद्र और दो साल की गीतिका शामिल हैं। रीना के भाई शुभम सैनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे उन्हें गांव के एक व्यक्ति से फोन पर सूचना मिली कि उनकी बहन और बहनोई के बीच विवाद चल रहा है। परिवार के साथ मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि घर के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ है। जब ताला खोला गया तो अंदर कमरे में रीना खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थी। पारिवारिक कलह बनी खूनी वारदात की वजह ग्रामीणों के अनुसार, धर्मेंद्र गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर नरपतनगर में पेस्टीसाइड की दुकान चलाता है। रविवार शाम को दुकान बंद करने के बाद वह घर आया था। रात में किसी मामूली घरेलू बात को लेकर उसकी पत्नी रीना से कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह कहासुनी इतनी बढ़ गई कि धर्मेंद्र आपे से बाहर हो गया। किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि एक छोटी सी कहासुनी इतनी बड़ी और भयानक वारदात में बदल जाएगी। गुस्से में आपा खोए धर्मेंद्र ने घर में रखे भारी सिलबट्टे को उठाया और अपनी पत्नी रीना के सिर पर तब तक वार करता रहा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण रीना की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी के शव और अपने दोनों बच्चों, रुद्र (5) और गीतिका (2) को कमरे के अंदर बंद कर दिया। उसने कमरे के बाहर से ताला लगा दिया और खुद मौके से फरार हो गया। इस दौरान, पांच साल का बेटा रुद्र, जो शायद घटना का प्रत्यक्षदर्शी था, ने बाद में परिजनों को बताया कि 'पापा ने मम्मी को मार डाला'। यह सुनकर सभी के होश उड़ गए और घटना की भयावहता का अंदाजा हुआ। रीना के सिर पर चोट के कई निशान मिले, जो सिलबट्टे से किए गए वारों की पुष्टि कर रहे थे। पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने तुरंत कमरे का ताला खुलवाकर बच्चों को बाहर निकाला, जो सदमे में थे। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद, पुलिस ने रीना के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी धर्मेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में दबिश तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। पुलिस की टीमें विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम बच्चों के सिर से माँ का साया उठ गया है और पिता ही हत्यारा निकला, यह सोचकर सभी स्तब्ध हैं। पुलिस बच्चों को सुरक्षित रखने और उनकी काउंसलिंग कराने की व्यवस्था भी कर रही है ताकि वे इस सदमे से उबर सकें। समाज पर गहराता चिंता का विषय यह घटना समाज में व्याप्त घरेलू हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी प्रकाश डालती है। मामूली विवादों को जिस तरह से हिंसक रूप दिया जा रहा है, वह चिंताजनक है। ऐसे मामलों में अक्सर शराब या अन्य नशे का सेवन भी एक कारण हो सकता है, हालांकि अभी तक पुलिस ने इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं की है। पुलिस जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या धर्मेंद्र का कोई आपराधिक इतिहास रहा है या वह किसी मानसिक तनाव से गुजर रहा था। परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। इस तरह की वारदातें समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। यह आवश्यक है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता फैलाई जाए और लोगों को अपने गुस्से पर नियंत्रण रखने के तरीके सिखाए जाएं। परामर्श सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों की उपलब्धता को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि लोग अपनी समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से कर सकें। रीना के परिवार को न्याय दिलाने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। रामपुर न्यूज़ इस घटना पर लगातार नजर बनाए रखेगा और आगे की जानकारी से अपने पाठकों को अवगत कराता रहेगा।