थाना गंज क्षेत्र के पहाड़ी गेट पर दिनांक 08.08.2026 को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कांवड़ पिंक बूथ की स्थापना की गई। इस बूथ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न प्रकार की सुरक्षा संबंधी जानकारी और सहायता प्रदान करना था। थाना प्रभारी पवन कुमार शर्मा और उपनिरीक्षक दीपक चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम और महिला सुरक्षा दल ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस पहल के माध्यम से, उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को न केवल महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों से भी अवगत कराया गया, जो आज के डिजिटल युग में एक गंभीर चिंता का विषय है। महिला सुरक्षा और साइबर अपराध: एक गंभीर चिंता कार्यक्रम के दौरान, मिशन शक्ति टीम और महिला सुरक्षा दल ने महिलाओं और बालिकाओं के एक बड़े समूह को एकत्र किया। उन्हें महिला सुरक्षा के महत्व और वर्तमान समय में उत्पन्न हो रहे विभिन्न प्रकार के खतरों के बारे में विस्तार से समझाया गया। विशेष रूप से, साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, टीम ने उपस्थित लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और अन्य डिजिटल खतरों से बचने के उपायों पर प्रकाश डाला। यह जानकारी विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण थी जो ऑनलाइन गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, ताकि वे किसी भी प्रकार के अनैतिक या अवैध गतिविधियों का शिकार न बनें। टीम द्वारा महिलाओं और बालिकाओं को कई महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और महिला हेल्पलाइन 181 शामिल हैं। इन नंबरों की जानकारी देने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में या किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। इन हेल्पलाइन नंबरों की उपलब्धता और उनका उपयोग करने की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया गया, ताकि सभी को आसानी से समझ आ सके। सरकारी योजनाओं से सशक्तिकरण जागरूकता अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करना था। टीम ने उपस्थित महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, निराश्रित पेंशन और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। महिलाओं को इन योजनाओं के लिए पात्रता मानदंडों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें और अपने जीवन स्तर में सुधार कर सकें। कार्यक्रम में छात्राओं को विशेष रूप से संबोधित किया गया। उन्हें 'गुड टच' और 'बैड टच' के बीच अंतर समझाया गया, ताकि वे अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रह सकें। उन्हें सिखाया गया कि किसी भी प्रकार की अनुचित स्पर्श या व्यवहार को कैसे पहचानें और उसका विरोध कैसे करें। इसके अतिरिक्त, उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या या खतरे की स्थिति में तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति आत्मविश्वास महसूस करें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या दुर्व्यवहार का सामना करने पर झिझकें नहीं। सुरक्षा और जागरूकता का महत्व थाना गंज द्वारा आयोजित यह कांवड़ पिंक बूथ एक सराहनीय पहल थी, जिसने महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सहायता और सरकारी योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने और महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित महसूस करें और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध हो। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, इस तरह की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यक्रम न केवल जानकारी प्रदान करने तक सीमित था, बल्कि इसने महिलाओं और बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक जिम्मेदार और जागरूक बनने के लिए प्रेरित भी किया। हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उन्हें सशक्त बनाती है और उन्हें यह विश्वास दिलाती है कि वे अकेले नहीं हैं और मदद हमेशा उपलब्ध है। इस पहल से क्षेत्र में महिला सुरक्षा के माहौल को बेहतर बनाने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी।