रामपुर न्यूज़
उत्तर प्रदेश Mohd Zeeshan Raza Khan • 2026-05-25T18:58:14.840Z

यूपी की जेलें बनेंगी सुधार और कौशल विकास का केंद्र, ‘ओपन जेल’ मॉडल पर जोर: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ- योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कारागार विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश की जेलों को केवल बंदी रखने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और सुधारात्मक गतिविधियों के जरिए जेलों को नई पहचान दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल केवल पेशेवर अपराधियों और माफिया के लिए होनी चाहिए, जबकि छोटे अपराधों में ‘ओपन जेल’ की व्यवस्था ज्यादा उपयोगी साबित हो सकती है। इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष से अधिक आयु के कैदियों, असाध्य रोगों से पीड़ित बंदियों, बच्चों के साथ जेल में रह रही महिला कैदियों और केवल जमानत राशि जमा न कर पाने के कारण जेल में बंद लोगों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 में प्रदेश की 70 जेलों की क्षमता 58,400 थी, जबकि बंदियों की संख्या 96,383 थी। उस समय ओवरक्राउडिंग दर 1.77 थी। वर्तमान में प्रदेश में 77 कारागार संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 77,673 है और बंदियों की संख्या 79,782 है। अब ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 रह गई है। सरकार द्वारा चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा, प्रयागराज, श्रावस्ती और बरेली समेत सात नए कारागार शुरू किए गए हैं, जिससे 10,495 बंदियों की अतिरिक्त क्षमता विकसित हुई है। वहीं अमेठी, महोबा, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में छह नए कारागारों का निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने बहुमंजिला जेलों के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। जेल सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्ष 2017 से 2026 के बीच प्रदेश की जेलों में 6200 सीसीटीवी कैमरे, 30 ड्रोन कैमरे, 24 बैगेज स्कैनर, 84 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और 195 बॉडी वार्न कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही अदालतों में पेशी के लिए 83 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इकाइयां भी स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेलों में कौशल विकास और उत्पादन गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रदेश की 37 जेलों में ‘वन जेल वन प्रोडक्ट’ आधारित इकाइयां संचालित हैं, जहां सिलाई, दरी, कंबल, फिनायल, काष्ठ कला, मसाले, प्रिंटिंग, रेडीमेड गारमेंट, एलईडी बल्ब और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। कारागार विभाग में रिक्त पदों को लेकर मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। विभागीय प्रस्तुतीकरण के अनुसार 3647 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि वर्ष 2017 से अब तक 4055 नियुक्तियां और 2868 पदोन्नतियां दी जा चुकी हैं।