रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान एक बार फिर कानूनी संकट में घिरते नजर आ रहे हैं। डबल पैन कार्ड मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बढ़ाने की मांग को लेकर सेशन कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले में सजा बढ़ाने के लिए दो अपीलें दाखिल की गई हैं—एक राज्य सरकार की ओर से और दूसरी पूर्व मंत्री काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां की ओर से। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद अब दोनों अपीलों पर एक साथ सुनवाई हो रही है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा और नवेद मियां की तरफ से अधिवक्ता संदीप सक्सेना सजा बढ़ाने के पक्ष में दलीलें पेश कर रहे हैं। वहीं, आजम खान और अब्दुल्ला आजम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर सुल्तान और विनोद कुमार अदालत में राहत की मांग कर रहे हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि सजा बढ़ाने का कोई ठोस आधार नहीं बनता और निचली अदालत का फैसला ही पर्याप्त है। इस बीच, 20 अप्रैल 2026 को सेशन कोर्ट बचाव पक्ष की अपील पहले ही खारिज कर चुका है। अब बचाव पक्ष उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी में है। फिलहाल दोनों आरोपी रामपुर जिला जेल में बंद हैं। मामले की शुरुआत 30 जुलाई 2019 को हुई थी, जब रामपुर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पैन कार्ड रखने और इस्तेमाल करने का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में जांच में आजम खान का नाम भी इसमें शामिल हुआ। 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया था। अब सेशन कोर्ट में चल रही सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। देखना होगा कि अदालत सजा बढ़ाने की मांग पर क्या फैसला सुनाती है और बचाव पक्ष को राहत मिलती है या नहीं।