रामपुर न्यूज़
उत्तर प्रदेश Rampur News Desk • 2026-06-23T17:09:58.710Z

ई-रजिस्ट्री के विरोध में मिलक तहसील में हड़ताल

मिलक तहसील में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, मुंशियों और स्टांप वेंडरों ने 23 जून 2026 से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले दिन बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों ने उप निबंधन कार्यालय (सब रजिस्ट्रार कार्यालय) परिसर में धरना-प्रदर्शन कर सरकार से ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने की मांग की। हड़ताल का नेतृत्व तहसील मिलक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश चंद्र गंगवार एडवोकेट और महासचिव रमेश चंद गंगवार एडवोकेट ने किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, मुंशियों और स्टांप वेंडरों के समक्ष रोजगार का संकट उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से पारंपरिक कार्यप्रणाली प्रभावित होगी और इससे आम जनता को भी कई प्रकार की व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। हड़ताल के चलते तहसील परिसर में न्यायिक और राजस्व कार्य प्रभावित रहे। अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल के कारण तहसील के विभिन्न न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं हो सका। साथ ही बैनामा लेखकों, मुंशियों और स्टांप वेंडरों ने भी अपने कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया। सब रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर आयोजित धरना-प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता, बैनामा लेखक, मुंशी और स्टांप वेंडर उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था का विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। हड़ताल के कारण तहसील आने वाले वादकारियों और आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने कार्यों के लिए तहसील पहुंचे, लेकिन अधिवक्ताओं और संबंधित कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।