मिलक क्षेत्र में सिगरेट, गुटखा, तंबाकू पैकेट और अन्य उत्पाद निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकानदार 5 से 20 रुपये तक अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि जब वे एमआरपी पर सामान देने की बात करते हैं तो दुकानदार साफ मना कर देते हैं या फिर बहाने बनाकर ज्यादा पैसे वसूलते हैं। यह स्थिति लंबे समय से जारी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, एमआरपी से अधिक कीमत वसूलना उपभोक्ता संरक्षण कानून का उल्लंघन है और यह काला बाज़ारी की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की लापरवाही के चलते यह गोरखधंधा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन से मांग: स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि विभाग से मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।