उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई शुरू की जाए। यह निर्देश संभल समेत विभिन्न जिलों से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद दिए गए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूलों द्वारा उन्हें NCERT की किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि फिलहाल उनके पास कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है, लेकिन यदि कहीं भी इस तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देश के अनुसार स्कूलों में केवल NCERT की किताबें ही पढ़ाई और बेची जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर जांच में यह साबित होता है कि अभिभावकों से जबरन निजी किताबें खरीदी जा रही हैं या एनसीईआरटी के नाम पर अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जाएगा।