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अपराधब्रेकिंग

रामपुर: नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 2 साइबर अपराधी गिरफ्तार

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रामपुर: नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 2 साइबर अपराधी गिरफ्तार
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रामपुर के थाना मिलक क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से ठगी के उपकरण और नकदी बरामद हुई है।

जनपद रामपुर के थाना मिलक पुलिस ने साईबर सैल की टीम के सहयोग से नौकरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। यह गिरफ्तारी दिनांक 09.07.2026 को ग्राम खुटिया के पास से हुई है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण, जैसे कि मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेक बुक, पासबुक और सिम कार्ड बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराध के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत की गई है। श्रीमान पुलिस अधीक्षक, रामपुर के आदेशों के अनुपालन में, श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक, रामपुर के निकट पर्यवेक्षण और श्रीमान क्षेत्राधिकारी, मिलक के कुशल पर्यवेक्षण में यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है।

साइबर अपराध के विरुद्ध अभियान और गिरफ्तारी का विवरण

श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार, प्रदेश भर में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, रामपुर पुलिस भी सक्रिय है और साइबर ठगों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रही है। थाना मिलक और साईबर टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए, ग्राम खुटिया के पास से दो अभियुक्तों को पकड़ा है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विकास गंगवार पुत्र राजाराम निवासी ग्राम गुलड़िया, थाना शीशगढ़, जनपद बरेली और राजीव पुत्र रामपाल निवासी ग्राम बीसलपुर, थाना शीशगढ़, जनपद बरेली के रूप में हुई है। इन अभियुक्तों के पास से कुल 07 अदद मोबाइल फोन, 09 अदद एटीएम कार्ड, एक बैंक पासबुक, एक चेक बुक और एक वीआई (VI) कंपनी का सिम कार्ड बरामद हुआ है। यह बरामदगी इन अभियुक्तों द्वारा किए जा रहे साइबर अपराधों की ओर स्पष्ट इशारा करती है।

इन अभियुक्तों के विरुद्ध थाना मिलक पर मु0अ0सं0- 222/2026, धारा- 318(4), 317(2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी कर ली है और आगे की जांच जारी है। इस गिरफ्तारी से रामपुर जनपद में सक्रिय साइबर ठगों के नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार हुआ है।

अभियुक्तों का अपराध करने का तरीका और पूर्व में दर्ज शिकायतें

गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध करने का तरीका बताया है। ये अभियुक्त लोगों को नौकरी दिलाने का लालच देते थे। इसके लिए वे विशेष रूप से दो वेबसाइटों, https://www.hipsjobs.com/home और https://www.careerjobplacement.com/ का इस्तेमाल करते थे। इन वेबसाइटों के माध्यम से वे इच्छुक व्यक्तियों से उनका सीवी (CV) मंगवाते थे। इसके बाद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जैसे कि मोबाइल फोन का प्रयोग करके, वे उनका इंटरव्यू लेते थे। इंटरव्यू के दौरान या उसके बाद, वे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर अभ्यर्थियों से उनके बैंक खातों में पैसे डलवा लेते थे। पैसे प्राप्त होने के बाद, वे अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं देते थे और इस प्रकार उनसे धोखाधड़ी करते थे।

पुलिस को इन अभियुक्तों के विरुद्ध विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर कई शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। इन शिकायतों में शिकायत संख्या 21504260011514, 21601260006112, 20505250019255, 3160525005185531605250054903, 23506250005535, 23706250033686, और 33206250048783 शामिल हैं। यह दर्शाता है कि ये अभियुक्त लंबे समय से इस प्रकार की ठगी को अंजाम दे रहे थे और कई लोग इनके जाल का शिकार बन चुके थे। पुलिस इन शिकायतों के आधार पर आगे की जांच कर रही है ताकि अन्य पीड़ितों की पहचान की जा सके।

बरामदगी का विस्तृत विवरण और गिरफ्तारी टीम

पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से जो सामान बरामद किया है, उसका विस्तृत विवरण इस प्रकार है: अभियुक्त विकास गंगवार से 02 अदद मोबाइल फोन, 04 अदद एटीएम कार्ड, 01 अदद बैंक पासबुक और 01 अदद चेक बुक बरामद हुई है। वहीं, अभियुक्त राजीव से 05 अदद मोबाइल फोन, 05 अदद एटीएम कार्ड, एक अदद वीआई (VI) कंपनी का सिम कार्ड और एक नोट बुक बरामद की गई है। यह बरामदगी इन अभियुक्तों द्वारा किए जा रहे साइबर अपराधों के पैमाने को दर्शाती है। इन उपकरणों का प्रयोग वे लोगों को ठगने के लिए करते थे।

इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में थाना मिलक के प्रभारी निरीक्षक मनीराम सिंह, उप-निरीक्षक दिर्घांशु शर्मा, उप-निरीक्षक शैलेन्द्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल 91 देवेन्द्रपाल सिंह, कांस्टेबल 456 शक्ति सिंह, कांस्टेबल 436 सावेज और चालक कांस्टेबल विपिन कुमार शामिल थे। इन सभी पुलिसकर्मियों ने अपनी सूझबूझ और मेहनत से इन साइबर ठगों को पकड़ा है, जिससे रामपुर जनपद के नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। पुलिस टीम की यह कार्रवाई सराहनीय है और यह अन्य अपराधियों के लिए एक संदेश है।

साइबर ठगी के बढ़ते मामले और बचाव के उपाय

वर्तमान समय में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नौकरी का झांसा, लॉटरी का लालच, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, और बैंक खातों से पैसे की धोखाधड़ी जैसे कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। रामपुर पुलिस लगातार इन अपराधों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है। नागरिकों से अपील की जाती है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि बैंक खाता विवरण, एटीएम पिन, या ओटीपी (OTP) साझा न करें। नौकरी के नाम पर किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि की मांग करने वाले लोगों से सावधान रहें। यदि आप किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस द्वारा प्रदान की गई हेल्पलाइन नंबरों और ऑनलाइन पोर्टलों पर शिकायत दर्ज कराएं। रामपुर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और साइबर अपराधों से लड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

यह गिरफ्तारी रामपुर पुलिस की साइबर अपराधों के प्रति गंभीरता को दर्शाती है। पुलिस का उद्देश्य जनपद को साइबर ठगों से मुक्त कराना है। नागरिकों को भी जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की आवश्यकता है। इस प्रकार की संयुक्त कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ती है। रामपुर न्यूज़ इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस टीम को बधाई देता है।

टैग:अपराधरामपुर न्यूज़उत्तर प्रदेश
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