नई दिल्ली: 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
सज्जन कुमार ने अदालत में दायर याचिका में कहा था कि वह पिछले 7 साल से अधिक समय से तिहाड़ जेल में बंद हैं और इस दौरान अपनी पत्नी से एक बार भी मुलाकात नहीं कर सके। उन्होंने पत्नी की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कुछ समय के लिए जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलों को पर्याप्त आधार नहीं मानते हुए अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद स्पष्ट हो गया है कि सज्जन कुमार को फिलहाल अपनी सजा जेल में ही काटनी होगी।
गौरतलब है कि 1984 के सिख विरोधी दंगे देश के सबसे काले अध्यायों में गिने जाते हैं, जिनमें हजारों लोगों की जान गई थी। इस मामले में कई दशकों बाद न्यायिक कार्रवाई तेज हुई और सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
