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हरदोई: बेटे को फंदे पर झूलता देख मां ने तीसरी मंजिल से कूदकर दी जान, मचा हड़कंप

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हरदोई: बेटे को फंदे पर झूलता देख मां ने तीसरी मंजिल से कूदकर दी जान, मचा हड़कंप
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उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बेटे को फांसी पर लटका देख मां सदमे में आ गई और तीसरी मंजिल से कूद गई।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मां ने अपने बेटे को फांसी पर लटकता देख सदमे में तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना देहात कोतवाली के पिहानी चुंगी इलाके में हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतक युवक अपने घर का इकलौता चिराग था, क्योंकि उसके बड़े भाई ने भी लगभग दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी। इस दोहरी त्रासदी ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

यह हृदय विदारक घटना मंगलवार शाम करीब 5 बजे तब हुई जब रामप्रकाश गुप्ता के 17 वर्षीय पुत्र हिमांशु गुप्ता ने घर की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी का फंदा लगा लिया। जब मां गीता गुप्ता (45) ने अपने बेटे को इस हालत में देखा तो वह सदमे और दुख से बदहवास हो गईं। अपने बेटे की मौत का असहनीय दुख झेलने में असमर्थ, उन्होंने तुरंत मकान की तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। इस छलांग के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और पूर्व की घटना

घटना के बाद, परिजनों ने तुरंत मां और बेटे को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मां गीता गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। यह घटना परिवार के लिए एक और गहरा सदमा लेकर आई है, क्योंकि लगभग दो साल पहले, इसी परिवार के बड़े बेटे ने भी किन्हीं अज्ञात कारणों से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस प्रकार, हिमांशु अपने माता-पिता का इकलौता बचा हुआ बेटा था। पड़ोसियों के अनुसार, माता-पिता हिमांशु की हर ख्वाहिश पूरी करते थे और उसे बहुत लाड़-प्यार से रखते थे। ऐसे में, हिमांशु ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, यह सवाल सभी के मन में है और किसी को भी इसका जवाब नहीं मिल पा रहा है।

इस दोहरी आत्महत्या की खबर फैलते ही इलाके में मातम पसर गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी को भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां-बेटे की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं और कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।

पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम ने बताया कि पुलिस ने मां और बेटे के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हिमांशु ने आत्महत्या क्यों की और क्या इसके पीछे कोई विशेष कारण था। मां की आत्महत्या को बेटे की मौत से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही है।

जांच के दौरान पुलिस परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और दोस्तों से भी पूछताछ कर सकती है ताकि हिमांशु की मानसिक स्थिति और उसके जीवन में चल रही किसी भी प्रकार की परेशानी के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। इस तरह की घटनाओं का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है, और यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करती है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द इस रहस्य से पर्दा उठाया जाए ताकि परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

यह घटना हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र में हुई है, जो कि एक सामान्य आबादी वाला क्षेत्र है। इस तरह की दुखद घटनाएं अक्सर तब सामने आती हैं जब परिवार के भीतर संवाद की कमी होती है या फिर कोई गंभीर मानसिक अवसाद से गुजर रहा होता है। पुलिस की जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ था या फिर यह पूरी तरह से पारिवारिक और व्यक्तिगत मामला था। फिलहाल, पूरा इलाका इस घटना से स्तब्ध है और सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं।

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