पश्चिम मेदिनीपुर जिले के आईआईटी खड़गपुर परिसर में बुधवार को एक प्रोफेसर का लटका हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है और मामले की जांच कर रही है।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर परिसर में बुधवार को एक सहायक प्रोफेसर का शव उनके आवास पर लटका हुआ पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आत्महत्या का संदेह है, लेकिन मौत के अन्य कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। मृतक की पहचान 36 वर्षीय दीपक रेड्डी पुल्लागुराम के रूप में हुई है, जो संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे।
दीपक रेड्डी मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले थे और आईआईटी खड़गपुर परिसर में ही स्थित अपने सरकारी आवास में रहते थे। बुधवार दोपहर को जब वह सुबह से किसी को जवाब नहीं दे रहे थे, तो संस्थान के अधिकारियों को उनकी चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। हिजली चौकी पुलिस, खड़गपुर टाउन पुलिस स्टेशन के अंतर्गत, दोपहर करीब 12:30 बजे मौके पर पहुंची।
परिसर में सनसनी, पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने क्वार्टर के सुरक्षा गार्डों की मदद से दीपक रेड्डी के कमरे का दरवाजा खोला। कमरे के अंदर दीपक रेड्डी का शव पंखे से लटका हुआ पाया गया। तत्काल उन्हें आईआईटी परिसर के भीतर स्थित बी.सी. रॉय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है।
फिलहाल, दीपक रेड्डी के कमरे से किसी भी तरह का सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस ने उनके आवास को सील कर दिया है और हैदराबाद स्थित उनके परिवार को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है। जांच अधिकारी दीपक के सहकर्मियों, क्वार्टर के अन्य निवासियों और घटना के समय मौजूद सुरक्षा गार्डों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि घटना के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके। उनके आवास की भी तलाशी ली जा रही है।
क्या काम या निजी जीवन में थी कोई समस्या?
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दीपक रेड्डी किसी पारिवारिक समस्या या कार्यस्थल पर किसी तरह की परेशानी का सामना कर रहे थे। पश्चिम मेदिनीपुर की जिला पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने बताया कि प्रोफेसर का लटका हुआ शव बरामद हुआ है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। मौत के कारण और तरीके की जांच की जा रही है।
इस मामले में अभी तक आईआईटी खड़गपुर के अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। संस्थान के सूत्रों का कहना है कि हाल के वर्षों में आईआईटी खड़गपुर में छात्रों द्वारा आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन किसी प्रोफेसर की परिसर में इस तरह से मौत होना एक अभूतपूर्व घटना है। यह घटना संस्थान में कार्यरत अन्य शिक्षकों और छात्रों के बीच चिंता का विषय बनी हुई है।
यह घटना रामपुर जैसे शैक्षणिक रूप से महत्वपूर्ण शहर के लिए भी चिंता का विषय है, जहाँ शिक्षा के उच्च संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रामपुर न्यूज़ इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे की जानकारी मिलते ही उसे आप तक पहुंचाएगा। इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जैसे कि वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ (9999666555 या help@vandrevalafoundation.com) और TISS iCall (022-25521111, सोमवार-शनिवार: सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक)। यदि आपको या आपके किसी परिचित को सहायता की आवश्यकता है, तो कृपया अपने निकटतम मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। यह घटना एक गंभीर अनुस्मारक है कि हमें अपने समाज में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को अधिक गंभीरता से लेने की आवश्यकता है, चाहे वह छात्र हों या शिक्षक।
