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बरेली के आंवला में गोवंश वध मामले में दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, दो पुलिसकर्मी भी घायल

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बरेली के आंवला में गोवंश वध मामले में दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, दो पुलिसकर्मी भी घायल
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बरेली के थाना आंवला क्षेत्र में गोवंश वध के मामले में पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दो आरोपी गोली लगने से घायल हुए, वहीं दो पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए।

बरेली जनपद के थाना आंवला क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के वध के एक गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा जारी किए गए एक विस्तृत प्रेस नोट के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस आरोपियों के साथ अवैध असलहों और गोवंशीय पशुओं के वध में इस्तेमाल किए गए औजारों की बरामदगी के लिए गई, तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण मुठभेड़ में पुलिस टीम के दो जवानों के भी घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। यह घटना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पशु संरक्षण के प्रति पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।

गोवंश वध की शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की शुरुआत 9 अक्टूबर 2026 को हुई, जब गणेश गिरि पुत्र कृष्णानन्द गिरि अपने साथियों संदीप कुमार और हिमांशु सोलंकी के साथ थाना आंवला पहुंचे। उन्होंने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध गोवंशीय पशुओं का वध किए जाने के संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 519/2026, धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, इसकी विवेचना निरीक्षक अपराध द्वारा की जा रही है, ताकि सभी तथ्यों को उजागर किया जा सके।

शिकायत मिलने के बाद, थाना आंवला पुलिस ने घटना का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक सुनियोजित योजना बनाई। इसके तहत, थाना स्तर पर चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों को मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की तलाश में लगाया गया। पुलिस टीमों ने अथक प्रयास करते हुए, मुखबिरों द्वारा दी गई सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। यह त्वरित कार्रवाई पुलिस की तत्परता और अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को प्रदर्शित करती है।

मुठभेड़ का विवरण और आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, मुखबिर खास से एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर पुलिस टीमों ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने एक चार पहिया वाहन संख्या UP16 AN 3816 को रोककर तलाशी ली और उसमें सवार दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हैदर अली पुत्र शरीफ, उम्र लगभग 27 वर्ष, निवासी गली नंबर 05, मियां कॉलोनी, थाना मझोला, जिला मुरादाबाद और शाहरुख पुत्र मासूम अली, उम्र लगभग 24 वर्ष, निवासी ग्राम दरियापुर, थाना असमोली, जिला संभल के रूप में हुई है। इन दोनों की गिरफ्तारी से गोवंश वध के मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए उनसे पूछताछ की गई और अवैध असलहों तथा पशु वध में इस्तेमाल किए गए औजारों की बरामदगी का प्रयास किया गया। इसी बरामदगी प्रक्रिया के दौरान वह घटनाक्रम हुआ, जिसने इसे एक पुलिस मुठभेड़ का रूप दे दिया। पुलिस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि बरामदगी के प्रयास के दौरान ही आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।

आत्मरक्षा में हुई जवाबी कार्रवाई और पुलिसकर्मियों का घायल होना

पुलिस के अनुसार, जब आरोपी पुलिस टीम के साथ अवैध असलहों और गोवंशीय पशुओं के वध में इस्तेमाल किए गए औजारों की बरामदगी के लिए ले जाए जा रहे थे, तब उन्होंने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित हमले के जवाब में, पुलिस टीम ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस गोलीबारी में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत ही दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

इस मुठभेड़ में केवल आरोपी ही घायल नहीं हुए, बल्कि पुलिस टीम के दो जवानों को भी चोटें आईं। पुलिस के विस्तृत विवरण के अनुसार, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार और उपनिरीक्षक सुमित कुमार इस घटना में घायल हुए हैं। हालांकि, उपलब्ध मूल प्रेस नोट के संक्षिप्त विवरण में उनकी चोटों की सटीक स्थिति का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि वे ड्यूटी के दौरान घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

दो अलग-अलग मुकदमों में दर्ज हुई कार्रवाई

थाना आंवला पुलिस की ओर से जारी की गई जानकारी में इस पूरे प्रकरण से संबंधित दो अलग-अलग मुकदमों का उल्लेख किया गया है। पहला मुकदमा, जिसका अपराध संख्या 519/2026 है, थाना आंवला, जिला बरेली में गोवंशीय पशुओं के वध के संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत दर्ज किया गया था। यह मुकदमा मूल शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ था।

दूसरा मुकदमा, जिसका अपराध संख्या 520/2026 है, थाना आंवला, जिला बरेली में पुलिस मुठभेड़ और अवैध असलहों से संबंधित घटनाक्रम के संबंध में दर्ज किया गया है। इस मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 तथा आयुध अधिनियम की धारा 3/25/27(ए) के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस दूसरे मुकदमे में अभियोग दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है, जिसमें मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी और अवैध असलहों की बरामदगी से संबंधित जांच शामिल है।

गिरफ्तार आरोपी हैदर अली का आपराधिक इतिहास

पुलिस प्रेस नोट में गिरफ्तार आरोपी हैदर अली के आपराधिक इतिहास का भी विस्तृत ब्योरा दिया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, हैदर अली के खिलाफ कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं, जो विभिन्न थानों में विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। इन मुकदमों में पशु क्रूरता, गोवध निवारण अधिनियम, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामले शामिल हैं। यह आपराधिक इतिहास दर्शाता है कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

हैदर अली के खिलाफ दर्ज नौ मुकदमों का विवरण इस प्रकार है: मु0अ0सं0 749/2017 (थाना मझोला, मुरादाबाद), मु0अ0सं0 803/2021 (थाना मझोला, मुरादाबाद), मु0अ0सं0 89/2025 (थाना मैनाठेर, मुरादाबाद), मु0अ0सं0 263/2025 (थाना मैनाठेर, मुरादाबाद), मु0अ0सं0 138/2021 (थाना नखासा, जिला संभल), मु0अ0सं0 142/2021 (थाना नखासा, जिला संभल), मु0अ0सं0 156/2021 (थाना नखासा, जिला संभल), मु0अ0सं0 519/2026 (थाना आंवला, जिला बरेली), और मु0अ0सं0 520/2026 (थाना आंवला, जिला बरेली)। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह केवल जांच का आधार बनता है।

मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम और आगे की कार्रवाई

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना आंवला पुलिस की एक समर्पित टीम शामिल थी। प्रेस नोट में प्रभारी निरीक्षक बीनू सिंह, निरीक्षक अपराध अजीत सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, उपनिरीक्षक अनिरुद्ध कुमार, उज्ज्वल गंभीर, इंद्रपाल सिंह, सुमित कुमार, होराम सिंह, अखिल प्रताप सिंह और ऋषिपाल सिंह सहित कुल 18 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम का उल्लेख किया गया है। इन सभी ने मिलकर शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करने, चार टीमों का गठन करने, मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बरामदगी की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार, गोवंशीय पशुओं के वध से संबंधित पहला मुकदमा और पुलिस मुठभेड़ एवं असलहों से जुड़े दूसरे मुकदमे में विधिक कार्रवाई जारी है। बरामदगी, घटनाक्रम और आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों से संबंधित सभी तथ्यों की गहन जांच विवेचना के दौरान की जाएगी। रामपुर न्यूज़.कॉम की ओर से यह स्पष्ट किया जाता है कि यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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बरेली: गोवंश वध के आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार