सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिलक में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। एनडीआरएफ, सीआरएफ और फायर ब्रिगेड ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया।
मिलक। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मिलक में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में अचानक आग लगने जैसी आपदा की स्थिति में प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लेना था। सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:30 बजे तक चले इस मॉकड्रिल में विभिन्न आपातकालीन सेवाओं ने अपनी कार्यक्षमता का प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल में आग लगने की एक काल्पनिक स्थिति उत्पन्न की गई, जिसके बाद आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बचाव और राहत कार्यों का अभ्यास किया।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण
यह मॉकड्रिल विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील स्थान पर आयोजित की गई थी, जहाँ बड़ी संख्या में मरीज और कर्मचारी मौजूद होते हैं। मॉकड्रिल के दौरान, उप जिलाधिकारी (SDM) संत वीर सिंह, तहसीलदार अभिषेक सिंह, कोतवाली प्रभारी संजय सिंह और सीएचसी प्रभारी डॉ. बासित अली स्वयं उपस्थित रहे। उनकी देखरेख में, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), नागरिक सुरक्षा बल (CRF), अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड), स्थानीय पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमों ने एक साथ मिलकर काम किया। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में सभी एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर सकें और त्वरित प्रतिक्रिया दे सकें।
आग लगने की सूचना मिलते ही, फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। उन्होंने विभिन्न अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करते हुए आग बुझाने की तकनीकों का प्रदर्शन किया। साथ ही, घायल मरीजों को सुरक्षित निकालने और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल रामपुर रेफर करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि मरीजों को न्यूनतम असुविधा के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया का महत्व
सीएचसी प्रभारी डॉ. बासित अली ने मॉकड्रिल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका प्राथमिक उद्देश्य आपदा की स्थिति में 24 घंटे तैयार रहना है। उन्होंने बताया कि इस तरह के अभ्यास से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि उन्हें वास्तविक आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है। डॉ. अली ने कहा कि नियमित मॉकड्रिल यह सुनिश्चित करती है कि सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाए और किसी भी अप्रिय घटना से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
उप जिलाधिकारी संत वीर सिंह ने इस अभ्यास को अत्यंत सफल बताया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सबसे बड़ी चुनौती अफरा-तफरी को रोकना और सभी मरीजों को सुरक्षित निकालना होती है। एसडीएम ने इस बात पर जोर दिया कि मॉकड्रिल के माध्यम से इन प्राथमिकताओं को सुनिश्चित करने की तैयारियों को परखा गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास जारी रहेंगे ताकि किसी भी आपदा का सामना करने के लिए हम पूरी तरह से तैयार रहें।
तहसीलदार अभिषेक सिंह ने विभागीय समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया को आपदा प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल ही किसी भी संकट से प्रभावी ढंग से निपटने की कुंजी है। तहसीलदार ने मॉकड्रिल के दौरान विभिन्न टीमों के बीच देखे गए समन्वय की सराहना की और इसे भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना।
कोतवाली प्रभारी संजय सिंह ने पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पुलिस बल ने मॉकड्रिल के दौरान सुरक्षा घेरा बनाकर भीड़ को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। यह सुनिश्चित किया गया कि बचाव कार्यों में लगे कर्मियों को किसी भी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े और आम जनता सुरक्षित दूरी बनाए रखे। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और बचाव कार्यों को सुचारू रूप से चलाना पुलिस की प्राथमिकता होती है।
भविष्य की सुरक्षा के लिए एक कदम
यह मॉकड्रिल न केवल मिलक CHC के लिए, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दर्शाता है कि स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए कितनी गंभीर है। इस तरह के अभ्यास यह सुनिश्चित करते हैं कि जब वास्तविक आपातकाल आए, तो सभी संबंधित पक्ष प्रशिक्षित हों और प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। एनडीआरएफ, सीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस और चिकित्सा टीमों के बीच यह तालमेल भविष्य में किसी भी आपदा से निपटने में मील का पत्थर साबित होगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित इस मॉकड्रिल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मिलक क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं की तैयारी का स्तर काफी ऊंचा है। विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी बचाव कार्य का प्रदर्शन सराहनीय था। यह अभ्यास न केवल एक औपचारिकता थी, बल्कि यह वास्तविक जीवन की स्थितियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण भी था, जिससे भविष्य में जान-माल की हानि को कम किया जा सके।
