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रामपुर: डंपर चालक हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी

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रामपुर: डंपर चालक हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी
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रामपुर के पटवाई क्षेत्र में 29 जून को डंपर चालक चंद्रपाल की हत्या के मुख्य आरोपी योगेश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया।

रामपुर के पटवाई थाना क्षेत्र में 29 जून की रात को हुई डंपर चालक चंद्रपाल उर्फ चंचल की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली योगेश के पैर में लगी, जिसके कारण वह घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके फरार साथियों की तलाश में जुटी हुई है। यह घटना मुख्यमंत्री के रामपुर आगमन से ठीक एक रात पहले हुई थी, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था।

पृष्ठभूमि: डंपर चालक की निर्मम हत्या

यह सनसनीखेज वारदात 29 जून की रात को रामपुर के शाहबाद रोड पर चंदौका गांव के पास स्थित मोंगा ढाबे के सामने झंडूपुरा गांव निवासी 25 वर्षीय चंद्रपाल उर्फ चंचल के साथ हुई थी। चंद्रपाल एक डंपर चालक था और उसी का मालिक भी था। घटना के समय वह मोंगा ढाबे के सामने एक पंचर की दुकान पर अपने डंपर के टायर का पंचर बनवा रहा था। इसी दौरान कुछ हमलावर वहां पहुंचे और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने तमंचे से तीन से चार राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से दो गोलियां चंद्रपाल को लगीं। एक गोली उसके सिर में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और अफरातफरी मच गई। किसी ने तुरंत 112 नंबर पर डायल कर पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पटवाई थाना पुलिस भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। घायल चंद्रपाल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया था, खासकर इसलिए क्योंकि यह मुख्यमंत्री के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम से ठीक पहले हुई थी।

गिरफ्तारी: मुठभेड़ और घायल आरोपी

मृतक चंद्रपाल के पिता भारत सिंह ने इस मामले में नवाबनगर गांव के निवासी योगेश, मुनेश और विनोद के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तीनों आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले के खुलासे के लिए विशेष टीमों का गठन किया था। बुधवार तड़के, मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी योगेश बाइक से जोलपुर रोड की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस दिशा में घेराबंदी कर दी।

पुलिस को योगेश निर्माणाधीन सोना पुल के पास अपनी बाइक पर आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर योगेश घबरा गया और उसने अपनी बाइक कच्चे रास्ते की ओर भगा दी। पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन तेज गति और कच्चे रास्ते के कारण उसकी बाइक फिसल गई और वह गिर पड़ा। खुद को घिरता देख, योगेश ने पुलिस पर तमंचे से गोली चलाने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में और आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली योगेश के दाहिने पैर में लग गई और वह घायल हो गया।

पूछताछ और आगे की कार्रवाई

घायल योगेश को तुरंत हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में योगेश ने हत्या के पीछे का चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि मृतक डंपर चालक चंद्रपाल के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे। योगेश ने यह भी स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी के आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए थे, जिससे उसकी काफी बदनामी हो रही थी और वह सामाजिक रूप से अपमानित महसूस कर रहा था। इसी अपमान और गुस्से के चलते उसने अपने भाई मुनेश और दोस्त विनोद के साथ मिलकर चंद्रपाल की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।

पुलिस अब योगेश के फरार साथियों मुनेश और विनोद की तलाश में जुटी हुई है। उनसे पूछताछ के बाद हत्या की पूरी साजिश और घटना के अन्य पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस ने योगेश के पास से घटना में प्रयुक्त तमंचा और बाइक भी बरामद की है। इस गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी राहत मिली है, खासकर मुख्यमंत्री के आगमन से पहले हुई इस घटना के कारण उन पर दबाव था। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

घटना का प्रभाव और पुलिस की तत्परता

यह हत्या रामपुर जिले में कानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही थी, विशेषकर तब जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिले में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित था। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के बाद हुई गिरफ्तारी ने पुलिस की तत्परता को दर्शाया है। हालांकि, अभी भी दो आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रामपुर पुलिस अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले इस तरह की वारदात को अंजाम देना अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दिखाता है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल अपराधियों में भय पैदा किया है, बल्कि जनता को भी सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार रहेगा।

टैग:रामपुररामपुर न्यूज़उत्तर प्रदेश
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