समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर जेल पहुंचकर पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आजम खान पर राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं।
रामपुर की जिला जेल में आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान से मुलाकात की। जेल में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और आजम खान के खिलाफ दर्ज किए गए विभिन्न मुकदमों को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के पश्चात अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आजम खान के साथ राजनीतिक द्वेष के चलते अन्याय हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल से निकलने के बाद वह आजम खान के परिवार से भी उनके आवास पर जाकर मिले और उनका हालचाल जाना।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है जिसके तहत आजम खान जैसे वरिष्ठ नेता को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान पर जितने भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, वे सभी झूठे और बेबुनियाद हैं। यह सब केवल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने की एक सोची-समझी चाल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ झूठे मुकदमे लगाकर उन्हें फंसाया जा रहा है, जो कि लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह की राजनीतिक चालें चली जा रही हैं।
आजम खान पर हो रहा है राजनीतिक जुल्म: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आजम खान की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि आजम खान जैसे नेता पर हो रहा अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आजम खान हमेशा रामपुर की जनता के लिए और प्रदेश के विकास के लिए कार्य करते रहे हैं। उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि आजम खान की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन समाजवादी पार्टी इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सच को ज्यादा समय तक कैद में नहीं रखा जा सकता और सच्चाई एक दिन जरूर सामने आएगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि रामपुर की धरती से आजम खान के लिए उनका यही संदेश है कि 'जो आजम थे, वो आजम हैं, वो आजम रहेंगे'। उन्होंने कहा कि फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि वे सच को कैद कर सकें। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र रचकर किसी को कैद में रखने वाला व्यक्ति हमेशा अपने मन की जेल में डर के मारे बंद रहता है, क्योंकि उसे हर पल यह डर सताता है कि कल जब सच सामने आएगा तो उसे अपने किए की सजा भुगतनी ही होगी। वह व्यक्ति कल की सजा के बारे में सोच-सोचकर अंदर ही अंदर घबराता रहता है।
भाजपा पर लगे गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी और फर्जी मुकदमे भाजपाई शासन-प्रशासन के दो अहम हथियार हैं। जब भी भाजपा की नाइंसाफी का इतिहास लिखा जाएगा, रामपुर का नाम सबसे ऊपर आएगा। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी को बंद करने की साजिश को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बंद करने की साजिश दरअसल पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से पढ़ाई के अधिकार को छीनने का षड्यंत्र है। जो लोग हजारों स्कूलों को बंद कर सकते हैं, वे यूनिवर्सिटी को क्या छोड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि यह दकियानूसी और नकारात्मक सोच वाले भाजपाई लोग आजम खान से इसलिए चिढ़ते हैं क्योंकि वे खुद कभी आजम साहब की तरह तरक्कीपसंद और सकारात्मक नहीं हो सकते। भाजपा का इल्म और तालीम से छत्तीस का आंकड़ा है। इल्म के मामले में भाजपा शून्य है। उन्होंने कहा कि बदले की भावना रखने वाली भाजपा को जनता हमेशा के लिए बदल देगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से शिक्षा और विकास की पक्षधर रही है और आजम खान ने रामपुर में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब आजम खान कई मामलों में जेल में सजा काट रहे हैं। उनकी रिहाई की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार आवाज उठाती रही है। अखिलेश यादव की यह यात्रा आजम खान के प्रति पार्टी के समर्थन को दर्शाती है और यह भी संकेत देती है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और भी गरमा सकता है। आजम खान के समर्थक भी उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं और इस मुलाकात को एक सकारात्मक कदम के रूप में देख रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मुलाकात का राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या आजम खान को न्याय मिल पाता है।
