ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ लोड हो रही है…ताज़ा अपडेट्स के लिए बने रहें…
Loading advertisement...
रामपुरब्रेकिंग

रामपुर: मिलक में आशा कार्यकर्ता पर जंगली गीदड़ का हमला, महिला गंभीर रू

पढ़ने का समय: 4 मिनट0
रामपुर: मिलक में आशा कार्यकर्ता पर जंगली गीदड़ का हमला, महिला गंभीर रू
Loading advertisement...
शेयर करें:
शेयर करें:

रामपुर के मिलक क्षेत्र में शुक्रवार को आशा कार्यकर्ता मुन्नी देवी पर एक जंगली गीदड़ ने उस समय हमला कर दिया जब वह ग्राहक सेवा केंद्र से घर लौट रही थीं। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं।

रामपुर जनपद के मिलक क्षेत्र में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक आशा कार्यकर्ता पर जंगली गीदड़ ने उस समय हमला कर दिया जब वह अपने घर लौट रही थीं। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है। यह घटना मिलक के ग्राम हरैया की निवासी 55 वर्षीय मुन्नी देवी के साथ हुई, जो पेशे से एक आशा कार्यकर्ता हैं और समुदाय के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

यह घटना तब घटित हुई जब मुन्नी देवी कूप गांव स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र से पैसे निकालकर पैदल ही अपने घर की ओर प्रस्थान कर रही थीं। उनके घर का रास्ता जंगल के किनारे से होकर गुजरता है, और इसी सुनसान रास्ते पर अचानक एक जंगली गीदड़ ने उन पर झपट लिया। गीदड़ के अचानक हमले से मुन्नी देवी पूरी तरह से हतप्रभ रह गईं और बचाव का मौका भी नहीं मिल पाया। इस क्रूर हमले में उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिसमें उनके निचले होंठ का एक हिस्सा कट गया, जिससे उनकी पीड़ा और भी बढ़ गई।

घटना का विवरण और बचाव

मुन्नी देवी की चीख-पुकार सुनकर आसपास से गुजर रहे राहगीर तुरंत उनकी ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि एक जंगली गीदड़ महिला पर हमला कर रहा है और उन्होंने तत्काल गीदड़ को भगाने का प्रयास किया। राहगीरों के शोर-शराबे और हस्तक्षेप से गीदड़ डरकर जंगल की ओर भाग गया, जिससे महिला की जान बच सकी। हालांकि, हमले की भयावहता इतनी अधिक थी कि घटना के बाद मुन्नी देवी कुछ देर तक सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ी रहीं। राहगीरों ने उन्हें होश में लाने का प्रयास किया और तुरंत उनके परिजनों को सूचित किया।

परिजनों को घटना की सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुंचे और मुन्नी देवी को प्राथमिक उपचार के लिए मिलक के सरकारी अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच और उपचार किया, लेकिन उनकी गंभीर चोटों को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने महिला का गहन उपचार किया और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी। देर शाम तक उनकी हालत स्थिर होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

इस जंगली जानवर के हमले की घटना ने मिलक क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच गहरी दहशत पैदा कर दी है। जंगल के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोग अब अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। विशेष रूप से बच्चे और महिलाएं शाम ढलने के बाद अकेले बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और जंगली जानवरों, विशेषकर गीदड़ों के आतंक पर नियंत्रण पाने की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि ऐसे जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।

आशा कार्यकर्ता मुन्नी देवी पर हुए इस हमले ने एक बार फिर जंगली जानवरों के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते दखल की समस्या को उजागर किया है। यह घटना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि वे इन मुद्दों पर ध्यान दें और निवारक उपाय करें। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, और इसके लिए प्रभावी योजनाएं बनाना आवश्यक है। वन विभाग को जंगल के किनारों पर रहने वाले समुदायों के लिए जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए ताकि वे जंगली जानवरों से बचाव के तरीके जान सकें और किसी भी अप्रिय घटना से बच सकें।

यह घटना रामपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों के बढ़ते हस्तक्षेप का एक उदाहरण है। जैसे-जैसे मानव आबादी का विस्तार होता है और वनों का क्षरण होता है, वन्यजीव भोजन और आश्रय की तलाश में मानव बस्तियों की ओर बढ़ते हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ती हैं, जो दोनों पक्षों के लिए खतरनाक साबित होती हैं। इस समस्या का समाधान केवल वन्यजीवों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करना और मानव बस्तियों के आसपास सुरक्षा उपायों को मजबूत करना भी है।

टैग:रामपुररामपुर न्यूज़उत्तर प्रदेश
Loading advertisement...