रामपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके पास से करीब 15 लाख रुपये कीमत का 25.40 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है।
रामपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात को एक बड़ी कार्रवाई हुई, जहाँ संयुक्त टीम ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह टीम जीआरपी रामपुर, आरपीएफ रामपुर-बरेली, सीआईबी मुरादाबाद व बनारस की संयुक्त टीम थी। रात करीब 9 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर चेकिंग के दौरान इन तस्करों को पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए तस्करों में प्रमिला देवी और रीना देवी शामिल हैं, जो बिहार के भागलपुर की निवासी हैं। इनके पास से कुल 6.10 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। वहीं, तीसरा तस्कर रोहित कुमार गोड्डा, झारखंड का रहने वाला है, जिसके पास से 13.20 किलोग्राम गांजा मिला है। इस तरह कुल 25.40 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे लखनऊ के निर्देश पर की गई थी।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम
रामपुर रेलवे स्टेशन, जो उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है, हमेशा से ही सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर रहा है। यहाँ से नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। सोमवार रात की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संयुक्त टीम ने प्लेटफार्म नंबर एक पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया था, जिसके तहत संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली जा रही थी। इसी दौरान टीम को इन तीन तस्करों पर शक हुआ और जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद हुआ। इस बरामदगी से रेलवे स्टेशन पर नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान प्रमिला देवी (6.10 किलो गांजा) और रीना देवी (6.10 किलो गांजा) निवासी भागलपुर (बिहार) तथा रोहित कुमार (13.20 किलो गांजा) निवासी गोड्डा (झारखंड) के रूप में हुई है। इन सभी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद गांजे की कुल मात्रा 25.40 किलोग्राम है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है। यह बरामदगी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस महानिदेशक रेलवे, लखनऊ के स्पष्ट निर्देशों के बाद इस तरह की कार्रवाईयों को और तेज करने के संकेत मिले हैं।
आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई
इस बड़ी बरामदगी के बाद, जीआरपी रामपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जीआरपी थाना प्रभारी ईश्वर चंद्र ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों तस्करों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि यह गांजा कहाँ से लाया गया था और इसे कहाँ सप्लाई किया जाना था। तस्करों के गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। यह पूछताछ अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे नशीले पदार्थों की तस्करी के पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन तस्करों का संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय गिरोह से है।
पूछताछ के बाद, गिरफ्तार किए गए तस्करों को मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जीआरपी थाना प्रभारी ईश्वर चंद्र ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस तरह की नियमित चेकिंग से न केवल अपराधियों पर नकेल कसी जा सकेगी, बल्कि यात्रियों को भी सुरक्षित महसूस होगा। रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए इस तरह के अभियान अत्यंत आवश्यक हैं।
नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने का प्रयास
यह कार्रवाई रेलवे पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का हिस्सा है। बिहार और झारखंड जैसे राज्यों से अक्सर नशीले पदार्थों की तस्करी की खबरें आती रहती हैं, और रामपुर जैसे जंक्शनों का उपयोग अक्सर इन पदार्थों को अन्य शहरों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। इस तरह की बरामदगी यह दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और तस्करी के प्रयासों को विफल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 15 लाख रुपये की कीमत का गांजा जब्त होना एक बड़ी सफलता है, जो नशीले पदार्थों के एक बड़े खेप को बाजार में आने से रोकने में कामयाब रही है।
पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाईयों से तस्करों के हौसले पस्त होंगे और वे भविष्य में इस तरह के अपराध करने से कतराएंगे। रेलवे स्टेशन पर लगातार चेकिंग अभियान चलाने से यात्रियों में भी सुरक्षा की भावना बढ़ेगी। यह घटना इस बात का भी संकेत देती है कि नशीले पदार्थों की तस्करी का जाल कितना व्यापक हो सकता है और इससे निपटने के लिए निरंतर और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। जीआरपी और आरपीएफ के बीच समन्वय इस तरह की सफलताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जैसा कि इस संयुक्त कार्रवाई में देखा गया।
