कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन के बाद भारत के पास 12 पदक हैं। सातवें दिन यानी बुधवार को भारत 14 और पदक जीत सकता है।
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल ने छठे दिन तक कुल 12 पदक अपने नाम किए हैं। छठे दिन गुलवीर सिंह और हरजिंदर कौर ने एक-एक रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इसके साथ ही भारतीय मुक्केबाजों ने कम से कम तीन और पदकों पर पक्की मुहर लगा दी है। खेल के सातवें दिन यानी बुधवार को भारत के लिए पदक जीतने के और भी अवसर होंगे। महिला भारोत्तोलन में 77 किग्रा वर्ग में संजना पदक की प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेंगी। एथलेटिक्स में, मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यानाथन पुरुष लंबी कूद फाइनल में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि मनप्रीत कौर शाम को महिला शॉट पुट फाइनल में अपनी चुनौती पेश करेंगी। मुक्केबाजी में, साक्षी चौधरी, जैस्मीन लैंबोरिया, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच, अंकुश यादव और नरेंद्र बेरवाल रिंग में उतरेंगे, जिनका लक्ष्य सेमीफाइनल में स्थान पक्का करना होगा, जिससे देश के लिए और अधिक पदक सुनिश्चित होंगे।
अब तक हुए ग्लासगो खेलों में, भारत ने कुल 12 पदक जीते हैं, जिनमें 2 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। इनमें से अधिकांश पदक शक्ति और ट्रैक-एंड-फील्ड स्पर्धाओं से आए हैं। भारोत्तोलन भारत के लिए सबसे बड़ा पदक दाता साबित हुआ है, जिसने कुल सात पदक दिलाए हैं। इसमें मीराबाई चानू द्वारा महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में लगातार तीसरा CWG स्वर्ण जीतना शामिल है। इसके अलावा, ऋषिकांत सिंह, मुथुपंडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव, वल्लूरी अजय बाबू और हरजिंदर कौर ने रजत पदक जीते, जबकि बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक हासिल किया। यह प्रदर्शन भारत की खेल प्रतिभा का एक मजबूत संकेत है।
CWG 2026, सातवें दिन (29 जुलाई) भारत के पदक कहाँ से आ सकते हैं?
सातवें दिन के खेल में भारत की नजरें कई स्पर्धाओं पर टिकी होंगी, जहाँ से पदकों की उम्मीद की जा रही है। भारोत्तोलन में, संजना महिला 77 किग्रा फाइनल में पदक जीतने की प्रबल दावेदार हैं। तैराकी में, यदि वे हीट से क्वालीफाई करते हैं, तो साजन प्रकाश और अनीश एस गौड़ा पुरुष 200 मीटर फ्रीस्टाइल फाइनल में भारत के लिए पदक जीत सकते हैं। एथलेटिक्स में, मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यानाथन पुरुष लंबी कूद फाइनल में पदक की दौड़ में होंगे, जबकि मनप्रीत कौर महिला शॉट पुट फाइनल में अपनी चुनौती पेश करेंगी।
पैरा-खेलों में भी भारत से पदक की उम्मीदें हैं। पैरा-तैराकी में, यदि वे हीट से क्वालीफाई करते हैं, तो सुयश नारायण जाधव और चैतन्य विश्वास कुलकर्णी पुरुष 50 मीटर फ्रीस्टाइल S7 फाइनल में पदक जीत सकते हैं। पैरा-एथलेटिक्स में, देवेंद्र कुमार और सागर थायत पुरुष डिस्कस थ्रो F42-44/F61-64 फाइनल में पदक जीतने का प्रयास करेंगे। इसके अतिरिक्त, तैराकी में आर्यन नेहरा पुरुष 1500 मीटर फ्रीस्टाइल फाइनल में पदक की दौड़ में होंगे। पैरा-एथलेटिक्स में, मोहम्मद बिलाल एम और दिलीप महादू गाविट पुरुष 100 मीटर T47 फाइनल में पदक जीतने की कोशिश करेंगे। एथलेटिक्स में, पारुल चौधरी महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज़ फाइनल में भारत के लिए एक और पदक ला सकती हैं।
भारतीय मुक्केबाजों से पदक की उम्मीदें
भारतीय मुक्केबाजों ने पहले ही देश के लिए कम से कम तीन और पदक सुनिश्चित कर लिए हैं। सातवें दिन, कई मुक्केबाज सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए रिंग में उतरेंगे, जिससे उनके पदक पक्के हो जाएंगे। साक्षी चौधरी, जैस्मीन लैंबोरिया, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच, अंकुश यादव और नरेंद्र बेरवाल जैसे युवा मुक्केबाज अपने-अपने भार वर्ग में पदक जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। इन युवा एथलीटों का प्रदर्शन न केवल देश के लिए पदक लाएगा, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत मुक्केबाजी पौध तैयार करने में भी मदद करेगा।
यह महत्वपूर्ण है कि खेल के सातवें दिन भारत के पास पदकों की संख्या को 12 से बढ़ाकर 26 तक ले जाने का सैद्धांतिक अवसर है। यह खेल के प्रति भारत के बढ़ते समर्पण और एथलीटों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। रामपुर जैसे शहरों में भी इन खेलों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ युवा खिलाड़ी इन सफलताओं से प्रेरित हो रहे हैं। यह उम्मीद की जाती है कि भारतीय दल इस लय को बनाए रखेगा और देश के लिए और अधिक गौरवशाली क्षण लाएगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन अब तक सराहनीय रहा है, खासकर भारोत्तोलन और एथलेटिक्स जैसे क्षेत्रों में। सातवें दिन के खेल से उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं, जहाँ कई भारतीय एथलीट पदक जीतने के प्रबल दावेदार हैं। इन एथलीटों का समर्थन करना और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाना हम सभी का कर्तव्य है। रामपुर न्यूज़ इन सभी एथलीटों को शुभकामनाएं देता है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।
