रामपुर के बहुचर्चित दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। हालिया सुनवाई में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि अब इस मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
रामपुर के बहुचर्चित दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। हालिया सुनवाई में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि अब इस मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख तय की है। अभियोजन पक्ष पहले ही अपनी दलीलें पूरी कर चुका है, जबकि अब बचाव पक्ष को अपने तर्क और साक्ष्य पेश करने का अवसर दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोनों पक्ष ठोस और पुख्ता दस्तावेजी सबूत पेश करें, ताकि मामले में अंतिम निर्णय लिया जा सके।
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यह बचाव पक्ष के लिए अंतिम मौका हो सकता है। यदि इस बार संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, तो कोर्ट अपना फैसला सुरक्षित रख सकता है।
गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज कराया गया था। आरोप है कि अब्दुल्ला आजम के पास अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो पैन कार्ड थे, जिनका इस्तेमाल चुनाव लड़ने की पात्रता हासिल करने के लिए किया गया।
इस मामले में अक्टूबर 2025 में निचली अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 7-7 साल की सजा और जुर्माना सुनाया था। फिलहाल यह मामला उसी फैसले के खिलाफ दायर अपील पर विचाराधीन है।
अब सभी की नजरें 30 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
