रामपुर-जिला सहकारी बैंक सभागार में जनगणना-2027, फैमिली आईडी एवं फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ग्राम विकास अधिकारियों और लेखपालों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिला सहकारी बैंक सभागार में जनगणना-2027, फैमिली आईडी एवं फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ग्राम विकास अधिकारियों और लेखपालों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि जनगणना-2027 का पहला चरण, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना शामिल है, बेहद अहम है। इसके लिए 07 मई से 21 मई 2026 तक ऑनलाइन स्वगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी, जिसमें आम नागरिक स्वयं पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर सर्वेक्षण कार्य पूरा करेंगे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनपद में लगभग 6000 प्रगणकों की तैनाती की गई है, जिन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
फैमिली आईडी को लेकर बताया गया कि यह 12 अंकों की डिजिटल पहचान प्रणाली है, जिसके जरिए पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से दिया जाता है। निर्देश दिए गए कि जिन पात्र परिवारों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, उनका फैमिली आईडी अनिवार्य रूप से बनाया जाए। विशेष रूप से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित परिवारों, वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देने को कहा गया।
फार्मर रजिस्ट्री के मामले में जनपद ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर के 2,13,545 लक्ष्य को सबसे पहले पूरा कर लिया है। संशोधित लक्ष्य 3,07,000 के मुकाबले अब तक 2,56,900 किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जबकि 50,115 किसानों का पंजीकरण अभी लंबित है।
फार्मर रजिस्ट्री का कार्य लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और अन्य संबंधित कर्मचारियों के माध्यम से कराया जा रहा है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कराना सुनिश्चित करें। लापरवाही बरतने वाले पंचायत सहायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जो किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराएंगे, उन्हें 01 मई 2026 से कृषि विभाग की योजनाओं और 31 मई 2026 से अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा जिन किसानों का निधन हो चुका है, उनके वारिसों को चिन्हित कर उनकी रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में तहसीलदार और नायब तहसीलदार को शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
