कंगना रनौत ने आगरा की एमपी-एमएलए कोर्ट में किसान आंदोलन से जुड़े मामले में 30 अप्रैल को आने वाले फैसले को टालने की मांग की है, जिस पर अब अदालत का फैसला अहम होगा।
आगरा की एमपी-एमएलए कोर्ट में कंगना रनौत की ओर से एक अर्जी दाखिल की गई है, जिसमें किसान आंदोलन से जुड़े मामले में 30 अप्रैल को प्रस्तावित फैसले को स्थगित करने की मांग की गई है। यह मामला भारतीय किसान आंदोलन 2020–2021 पर दिए गए उनके बयान से जुड़ा हुआ है।
कंगना रनौत की ओर से उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि शिकायतकर्ता पक्ष को पहले अतिरिक्त अवसर दिया गया था, इसलिए न्याय के हित में बचाव पक्ष को भी पर्याप्त समय मिलना चाहिए ताकि वह अपनी बात पूरी तरह से रख सके।
वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी है और अब फैसले को टालने की कोई जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि अदालत को निर्धारित तारीख पर ही निर्णय सुनाना चाहिए।
अब इस मामले में अंतिम फैसला अदालत को करना है कि क्या 30 अप्रैल को ही निर्णय सुनाया जाएगा या फिर उसे आगे बढ़ाया जाएगा। यह मामला पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है, ऐसे में अदालत के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
