मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर विवादित बयान देकर सियासी माहौल गरमा दिया है। उन्होंने RSS को देश के लिए “नासूर” बताते हुए इस पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है।
▶️ RSS पर तीखा हमला
रुचि वीरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि RSS की विचारधारा देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है। उनके मुताबिक, संगठन से जुड़े लोग एक विशेष समुदाय के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हैं, जिससे समाज में तनाव बढ़ता है।
▶️ जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि RSS के कार्यक्रमों और रैलियों में जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यही पैसा अस्पताल, शिक्षा और विकास कार्यों में क्यों नहीं लगाया जाता।
▶️ “दोहरे मापदंड” पर उठाए सवाल
रुचि वीरा ने आजम खान के बेटे के पासपोर्ट मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, तो अन्य नेताओं के मामलों में समान जांच क्यों नहीं हो रही। उन्होंने सरकार पर चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया।
▶️ चुनाव आयोग पर भी निशाना
उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान निष्पक्षता पर संदेह पैदा हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
🔵 सियासी असर
रुचि वीरा के इस बयान के बाद भाजपा और सपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है।
